देहरादून। राजधानी देहरादून के ऐतिहासिक रेंजर ग्राउंड में आगामी 5 से 11 अक्टूबर तक सात दिवसीय ‘सरस फूड फेस्टिवल’ का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। फेस्टिवल में उत्तराखंड के पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों के साथ हस्तशिल्प, हथकरघा और स्थानीय स्वदेशी उत्पादों की विविधता देखने को मिलेगी।
महोत्सव की तैयारियों को लेकर मंगलवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने संबंधित रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने तथा आयोजन को भव्य एवं यादगार बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न विभागों के माध्यम से फेस्टिवल में 200 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें पारंपरिक पहाड़ी पकवानों के साथ उत्तराखंड के प्रसिद्ध हस्तशिल्प, हथकरघा और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार का अवसर मिलेगा।
फेस्टिवल में फूड स्टॉलों के बीच प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। उत्कृष्ट स्वाद एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले स्टॉल संचालकों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा कृषि, उद्यान, उद्योग, पर्यटन, रेशम एवं सेवायोजन विभाग निर्धारित रोस्टर के अनुसार अपने लाभार्थियों के साथ संवाद एवं गोष्ठियों का आयोजन करेंगे।
आयोजन के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए जाएंगे। सीडीओ ने पुलिस प्रशासन को रेंजर ग्राउंड के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था एवं सुगम यातायात सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निगम को परिसर में निरंतर सफाई व्यवस्था बनाए रखने तथा फूड सेफ्टी एवं फायर सेफ्टी विभाग को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। महोत्सव में प्रतिदिन शाम को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी जसपाल चौहान सहित विभिन्न रेखीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
