ऋषिकेश। संत निरंकारी मिशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित ‘वननेस वन- प्रकृति के साथ समरसता’ अभियान के तहत ब्रांच ऋषिकेश में राजश्री चिल्ड्रन एकेडमी, गुमानीवाला में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के 20 पौधे रोपे गए, जिनमें अशोक, थूजा, तेजपत्ता, आम, जामुन, नीम, कड़ी पत्ता तथा पुष्पीय पौधे शामिल रहे।
संत निरंकारी मिशन का यह अभियान बाबा हरदेव सिंह के संदेश “प्रदूषण अंदर हो या बाहर, दोनों ही हानिकारक हैं” से प्रेरित है। इसका उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित न रहकर प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध विकसित करना, पर्यावरण संरक्षण को जीवन-मूल्य के रूप में स्थापित करना तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित एवं संतुलित पृथ्वी का निर्माण करना है।
सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के आशीर्वाद से अगस्त 2021 में प्रारंभ हुई यह पहल आज देशव्यापी जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। संत निरंकारी मंडल के सचिव जोगिन्दर सुखीजा ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में अब तक लगभग 350 वृक्ष समूह स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 600 से अधिक ‘वननेस वन’ स्थलों पर श्रद्धालु एवं सेवादार पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन में निरंतर जुटे हैं।
इसी क्रम में संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा 23 अगस्त को अभियान के छठे चरण का शुभारंभ किया गया। देशभर के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में 630 स्थानों पर एक साथ आयोजित इस अभियान के दौरान लगभग 10 लाख पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है। यह व्यापक पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सामूहिक सहभागिता और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन के योगेश्वर प्रसाद,हेमंत गुप्ता एवं राजेंद्र प्रसाद सहित संत निरंकारी मिशन के ब्रांच इंचार्ज, संचालक-संचालिका, ज्ञान प्रचारक, एसएनसीएफ तथा सेवादल के वॉलंटियर्स उपस्थित रहे।
