देहरादून,14 जुलाई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बद्रीनाथ धाम के चंदा चोरी प्रकरण में बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी द्वारा दी गई सार्वजनिक बहस की चुनौती स्वीकार करते हुए आज उत्तरांचल प्रेस क्लब में निर्धारित समय दोपहर 12:30 बजे उनका इंतजार किया। निर्धारित समय के बाद भी हेमंत द्विवेदी के उपस्थित नहीं होने पर गोदियाल ने लगभग आधे घंटे तक प्रतीक्षा की।

बाद में उनके नहीं आने पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए गोदियाल ने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि उनके दस वर्ष पूर्व के कार्यकाल को लेकर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह मनगढ़ंत और निराधार हैं तथा उनका उद्देश्य वर्तमान बद्रीनाथ मंदिर चंदा चोरी प्रकरण से जनता का ध्यान भटकाना है।
गोदियाल ने कहा कि जिस बीकेटीसी कर्मचारी पर चंदा चोरी के आरोप लगे हैं, उसे देहरादून से बद्रीनाथ में चंदा गणना कार्य की जिम्मेदारी किसके निर्देश पर दी गई, इसका उत्तर बीकेटीसी अध्यक्ष को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब स्वयं हेमंत द्विवेदी ने उक्त कर्मचारी को यह जिम्मेदारी सौंपी थी, तो इसकी जवाबदेही भी उन्हीं की बनती है। वे दूसरों पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।
हेमंत द्विवेदी के आरोपों का बिंदुवार जवाब देते हुए गोदियाल ने कहा कि जिन 32 कर्मचारियों के साथ आरोपी कर्मचारी की नियुक्ति हुई थी, उसकी स्वीकृति शासन से प्राप्त होने के बाद बीकेटीसी बोर्ड द्वारा अनुमोदित की गई थी। उस समय बोर्ड में अधिकांश सदस्य तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा नामित थे।
उन्होंने टिहरी में सड़क निर्माण संबंधी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह कार्य शासन से प्राप्त धनराशि के माध्यम से गणेश मंदिर तक पहुंच मार्ग (गणेश मार्ग) के निर्माण के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्य, बद्रीनाथ में नृसिंह मंदिर निर्माण, बिनसर मंदिर निर्माण सहित अनेक मंदिरों के निर्माण एवं सौंदर्यीकरण के कार्य मंदिर समिति के दायित्वों के अनुरूप किए गए। इन सभी कार्यों को तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार द्वारा गठित चारधाम देवस्थानम बोर्ड ने भी सही ठहराया था, जिसे बाद में धामी सरकार ने भंग कर दिया।
पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए गोदियाल ने कहा कि वे पहले भी अपने कार्यकाल की जांच की मांग मुख्यमंत्री से कर चुके हैं और आज भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं।
उन्होंने बद्रीनाथ धाम में हुई चंदा चोरी की घटना के लिए बीकेटीसी अध्यक्ष तथा सरकार के मुखिया होने के नाते मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाकर बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
गोदियाल ने कहा कि चारधामों में देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की अगाध आस्था जुड़ी हुई है। पहले राम मंदिर और अब श्री बद्रीनाथ धाम में चोरी की घटनाओं से श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि भाजपा को इस मामले में देश के श्रद्धालुओं से माफी मांगनी चाहिए तथा दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।