देहरादून, 22 जून। जन शिकायतों के त्वरित एवं स्थायी समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित समाधान दिवस में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से लगातार अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनका जीआईएस आधारित विश्लेषण कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए एनआईसी को पिछले 10 समाधान दिवसों के आंकड़ों का विभागवार विश्लेषण कर शिकायत-बहुल क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) का जीआईएस मैप तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने 146 फरियादियों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन, बैंक ऋण, विद्युत, पेयजल तथा आर्थिक एवं विधिक सहायता से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। उन्होंने कहा कि शिकायतों को लंबित रखना किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों और निर्माणदायी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि वे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते हैं तो वर्चुअल माध्यम से अनिवार्य रूप से जुड़ें। चकराता और कालसी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
बैंकों से संबंधित शिकायतों पर डीएम ने लीड बैंक प्रबंधक को समीक्षा के निर्देश देते हुए ऋण स्वीकृति के दौरान सिविल जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। वहीं पारिवारिक विवादों से पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को ‘वन स्टॉप सेंटर’ के माध्यम से त्वरित मदद उपलब्ध कराने और उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बढ़ते विवाद और मारपीट के मामलों में पुलिस विभाग को सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
समाधान दिवस में कई मामलों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए। ग्राम नाड़ा में पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण के बाद सुरक्षा कार्य न किए जाने, त्रिवेणी घाट स्थित खुर्जा वाली धर्मशाला की भूमि पर अतिक्रमण, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय सालावाला के बाहर अवैध गतिविधियों, सहसपुर में भूमाफियाओं के खिलाफ शिकायत, ग्राम छरबा में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण तथा मोहिनी रोड पर बिना अनुमति सड़क खुदाई के मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सभी उप जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
