देहरादून, 27 मार्च 2026 (सूचना विभाग)। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में शुक्रवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आपदा न्यूनीकरण के उद्देश्य से संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सुरक्षात्मक कार्यों को आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत सशर्त अनुमोदन प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा न्यूनीकरण से जुड़े कार्य सुधारात्मक प्रकृति के होते हैं, जिन्हें जनहित एवं सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि तहसील स्तर एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त नदियों के चैनलाइजेशन और ड्रेजिंग संबंधी प्रस्तावों को समिति द्वारा स्वीकृति दी गई है। साथ ही विभागों को निर्देशित किया गया कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने विभागों से अतिरिक्त प्रस्ताव एवं सुझाव शीघ्र प्रस्तुत करने तथा समिति की बैठकें नियमित अंतराल पर आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा ने जानकारी दी कि पूर्व में आपदाग्रस्त एवं आपदा संभावित क्षेत्रों के लिए विभिन्न विभागों से प्रस्ताव प्राप्त किए गए थे, जिनमें नदी चैनलाइजेशन, रिवर ड्रेसिंग तथा आरक्षित वन क्षेत्रों में भूस्खलन उपचार संबंधी कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मार्च माह में ही इन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है ताकि विभागों को कार्य पूर्ण करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। शेष प्रस्तावों को भी शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में हरिपुर कालसी क्षेत्र में यमुना नदी तट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु घाट निर्माण के लिए नदी चैनलाइजेशन, सहिया क्षेत्र के अंतर्गत कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड स्थित क्रॉनिक लैंडस्लाइड जोन में संरचनात्मक भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य तथा जनपद के विभिन्न नदी तटों के 28 संवेदनशील स्थलों पर मानसून अवधि को देखते हुए चैनलाइजेशन कार्यों को अत्यंत आवश्यक मानते हुए सशर्त स्वीकृति प्रदान की गई।
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इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-507 के किमी 13-14 पर यमुना नदी स्थित सेतु पर एबटमेंट स्कप्पर निर्माण, नदी प्रवाह चैनलाइजेशन, दोनों तटों पर कर्टेन वॉल निर्माण, किमी 24 बोसाना एवं किमी 26 व्यासी में भूस्खलन उपचार, भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग पर चंद्रभागा नदी किनारे रिवर ड्रेसिंग तथा जाखन ब्रिज के अपस्ट्रीम में संचित मलबा हटाने जैसे कार्यों के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अधिशासी अभियंता एवं अन्य विभागीय अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की गई है। समिति को स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर आगे स्वीकृति दी जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं समिति की सह-अध्यक्ष सुखविंदर सिंह कौर, अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओपी सिंह, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिशासी अभियंता सुरेश तोमर, क्षेत्राधिकारी विवेक कोटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि उपजिलाधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
