कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धरनास्थल पर पहुँचकर उपनल कर्मचारियों के आन्दोलन को दिया समर्थन
Jagriti Gusain0 Comments
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देहरादून। परेड ग्राउंड में उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (उपनल) कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार को 9वें दिन भी जारी रही। राज्यभर से पहुंचे कर्मचारी नियमितीकरण सहित तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं। अब तक सरकार और कर्मचारियों के बीच किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई है।
कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल आज पहली बार धरना स्थल पहुँचे। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल प्रदर्शनस्थल पर आना नहीं बल्कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। माँगों पर प्रगति न होने के कारण वे स्वयं कर्मचारियों के बीच पहुंचे और समर्थन व्यक्त किया।
धरनास्थल पर उपस्थित कर्मचारियों को संबोधित करते हुए गोदियाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार निष्क्रिय है। मुख्यमंत्री इस बात का इंतज़ार न करें कि सबके खून में उबाल आए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मुख्यमंत्री उपनल कर्मचारियों की माँगों पर ठोस समाधान निकालते हैं, तो मैं खुद जाकर उनका अभिनंदन करूंगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा के आयोजनों पर हजारों करोड़ खर्च हो सकते हैं, तो उपनल कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर वेतन देना सरकार को भारी क्यों लगता है?
मीडिया से बातचीत में गोदियाल ने कहा कि 2027 में कांग्रेस की सरकार बनते ही पहला फैसला संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों के नियमितीकरण का होगा। राज्य में जो भी कर्मचारी संविदा पर कार्यरत हैं, उन्हें क्रमबद्ध तरीके से स्थायी किया जाएगा।
विदित हो कि उपनल आंदोलकारियों को कांग्रेस नेताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है।पिछले चार दिनों में कई वरिष्ठ नेता उपनल कर्मचारियों के बीच पहुँच चुके हैं। जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और आज स्वयं प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने धरनास्थल पर पहुंच कर समर्थन जताया।
उधर उपनल संयुक्त कर्मचारी संगठन के संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा कि ये कांग्रेस द्वारा आंदोलन को दिया गया चौथा सबसे महत्वपूर्ण समर्थन बताया।
उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) एक सरकारी उपक्रम है जिसका गठन1 मार्च 2004 को पूर्व सैनिकों और अर्द्ध सैनिकों के पुनर्वास के उद्देश्य से किया गया था।यह सरकार के विभिन्न विभागों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर्मचारी उपलब्ध कराता है। वर्तमान में कुल कार्यरत कर्मचारी लगभग 22,000 है जो सचिवालय, पुलिस, ऊर्जा, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि विभागों में मामूली वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं और उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की मुख्य जिम्मेदारी है।