प्रदेश कांग्रेस कमेटी धूमधाम से मनाएगी राज्य स्थापना की रजत जयंती

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1 से 14 नवम्बर तक प्रदेशभर में होंगे विविध आयोजन, शहीद आंदोलनकारियों को दी गई श्रद्धांजलि

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की रजत जयंती वर्ष को पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा के आह्वान पर 1 नवम्बर से 14 नवम्बर 2025 तक प्रदेशभर में पखवाड़े भर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इसी क्रम में आज कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्थल, देहरादून कचहरी में राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर की गई। श्रद्धांजलि समारोह में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राज्य आंदोलन के शहीदों की कुर्बानी के कारण ही उत्तराखंड राज्य का सपना साकार हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य की नींव उन शहीदों के बलिदान पर टिकी है जिन्होंने अपना सर्वस्व न्यौछावर किया।

माहरा ने कहा उत्तराखंड की मातृ शक्ति, छात्र शक्ति और युवा शक्ति ने राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसे सदैव याद किया जाएगा। उन्होंने मसूरी, खटीमा और मुजफ्फरनगर गोलीकांड के शहीदों का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बलिदान ने आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि राज्य निर्माण के संघर्ष में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सबसे अधिक शहादत दी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के बाद कांग्रेस ने ही छोटे राज्यों की अवधारणा को आगे बढ़ाया।

आर्य ने बताया कि पंडित नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने उत्तराखंड के विकास की ठोस नींव रखी गईं । उन्होंने 900 करोड़ की वार्षिक योजना को बढ़ाकर 5000 करोड़ तक पहुंचाया।औद्योगिक क्षेत्रों के विकास से रोजगार के अवसर सृजित किए,टिहरी बांध, मनेरी-भाली, धौलीगंगा जैसी विद्युत परियोजनाएं पूरी की,शिक्षा व्यवस्था में सुधार कर एलटी पदों पर नियुक्तियां शुरू की।

उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार जनता को ठग रही है। हमें विचार करना होगा कि 25 वर्षों में हमने क्या पाया और क्या खोया।उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार जनता को ठग रही है। हमें विचार करना होगा कि 25 वर्षों में हमने क्या पाया और क्या खोया।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड ने 25 वर्षों में कई उपलब्धियां अर्जित की पर चुनौतिया अभी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना, पलायन रोकना और पर्वतीय क्षेत्रों का विकास करना अभी राज्य के सामने बड़ी जिम्मेदारी है।

रावत ने भी पंडित एन.डी. तिवारी को राज्य का “विकास पुरुष” बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में औद्योगिक, ऊर्जा और शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा केवल राज्य गठन का श्रेय लेना चाहती है, जबकि उस समय उत्तराखंड की मांग इतनी प्रबल थी कि कोई भी केंद्र सरकार राज्य बनाने को बाध्य होती।उन्होंने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ की तरह उत्तराखंड को भी स्थायी राजधानी मिलनी चाहिए थी, पर भाजपा ने इस विषय पर जनता को भ्रमित किया है।
सिंह ने याद दिलाया कि हरीश रावत सरकार ने गैरसैंण में विधानसभा भवन का निर्माण कराया और वहां सत्र आयोजित किया, पर भाजपा सरकार ने राजधानी के नाम पर जनता से छल किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी एवं लोकसंस्कृति के संवाहक सतीश धौलाखंडी ने “लड़ना है भाई ये लंबी लड़ाई है” गीत से माहौल भावनात्मक बना दिया। वहीं जयदीप सकलानी ने “बैठकों में हल टंगे हैं बल हमारे गांव में…” गीत गाकर पलायन की पीड़ा पर कटाक्ष किया।

कार्यक्रम समन्वयक एवं प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह ने सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कांग्रेस जनगीतों में उठाई गई भावनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य करेगी।

कार्यक्रम में विधायक विक्रम नेगी, महामंत्री नवीन जोशी, हरिकृष्ण भट्ट, संजय शर्मा, नीनू सहगल, वीरेंद्र पोखरियाल, मोहन खत्री, डॉ. प्रतिमा सिंह, सुनीत सिंह राठौड़, डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, राजकुमार, लालचंद शर्मा, शीशपाल बिष्ट, संगीता गुप्ता, अमित भंडारी, मोनिका चौधरी, महेश जोशी, सत्य पोखरियाल, दीप बोहरा, कर्नल राम रतन नेगी, गोपाल गडिया, मदन लाल, अनुराग गुप्ता सहित अनेक कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

By Jagriti Gusain

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