देहरादून(जिला सूचना कार्यालय)।मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में और जिला प्रशासन की नई पहल नंदा-सुनंदा योजना निर्धन, असहाय और अनाथ बालिकाओं की शिक्षा और कौशल विकास के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना का उद्देश्य बेटियों की शिक्षा की लौ को और अधिक प्रज्वलित करना है।
शनिवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने तीन असहाय बालिकाओं की पढ़ाई के लिए 98 हजार रुपये की आर्थिक सहायता वितरित की। अब तक नंदा-सुनंदा योजना के तहत 11 बेटियों को शिक्षा एवं कौशल विकास के लिए आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाली बेटियां ही असली नंदा और सुनंदा देवी हैं। ये बेटियां न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का भी यही संकल्प है कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाए।
जिला प्रशासन ने योजना के तहत बालिकाओं के चयन के लिए एक समिति गठित की है और एसओपी तैयार की गई है। चयन प्रक्रिया में जनता दरबार, बहुद्देशीय शिविर, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं समाज कल्याण अधिकारी के अधीन बालिका गृहों में रहने वाली बालिकाएं तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए सर्वेक्षण के आधार पर जरूरतमंद बालिकाओं को सहायता दी जा रही है।
नंदा-सुनंदा योजना के तहत सहायता प्राप्त करने वाली बालिकाएं
शनिवार को जिलाधिकारी सविन बंसल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने तीन बालिकाओं को ₹97,955 की सहायता राशि वितरित की—
- अस्मित कौर (कक्षा 4) – ₹12,250 (स्कूल: स्चुलेर हेइम विद्यालय, देहरादून)
- त्रिशा कंडारी (कक्षा 7) – ₹63,480 (स्कूल: न्यू दून ब्लॉसम स्कूल, देहरादून)
- खुशबू (बी.एससी) – ₹22,225 (विश्वविद्यालय: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय, देहरादून)
इन बालिकाओं का चयन उनकी आर्थिक स्थिति और विषम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया।
नंदा-सुनंदा: बेटियों की शिक्षा के लिए संकल्पबद्ध
आर्थिक तंगी और पारिवारिक कठिनाइयों के कारण कई बालिकाओं की शिक्षा अधूरी रह जाती है। जिलाधिकारी सविन बंसल की यह पहल उनके लिए उज्ज्वल भविष्य की एक नई किरण बनकर उभरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस योजना में फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और ऐसी सभी बेटियों की सहायता के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
नैनीताल में जिलाधिकारी रहते हुए सविन बंसल ने नंदा-सुनंदा योजना की शुरुआत की थी, जहां 60 बालिकाओं को सशक्त बनाकर उनके भविष्य को संवारा गया। अब देहरादून में भी इस योजना को आगे बढ़ाते हुए वे जरूरतमंद बेटियों के लिए आशा की किरण बन रहे है
इस कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, डीपीओ (आईसीडीएस) जितेंद्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी पूनम चमोली, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बालिकाओं के परिजन उपस्थित रहे।
