देहरादून। आमजन की समस्याओं के त्वरित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशों के तहत अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 126 शिकायतें एवं समस्याएं प्राप्त हुईं। एडीएम ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान एडीएम के.के. मिश्रा ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए उनका शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है।
जनसुनवाई में बुजुर्गों से संबंधित शिकायतों को विशेष गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 73 वर्षीय मदनलाल भल्ला ने पुत्र पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए बताया कि कारोबार स्थापित करने में सहयोग देने के बावजूद वृद्धावस्था में उन्हें बेसहारा छोड़ दिया गया। प्रशासन ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए भरण-पोषण अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर दी। वहीं 74 वर्षीय विधवा रेणुका खनका ने बहू पर पैतृक संपत्ति हड़पने, मारपीट एवं देखभाल न करने के आरोप लगाए। मामले में सीओ रायपुर एवं महिला सेल को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
गायत्री विहार निवासी बुजुर्ग दंपत्ति ने अपनी वैध संपत्ति पर पड़ोसी द्वारा अवैध कब्जे तथा एमडीडीए के सीलिंग आदेशों का पालन न किए जाने की शिकायत की। इस पर एमडीडीए को मामले में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सेवाकलां निवासी संजय कुमार की पुश्तैनी भूमि पर कब्जे एवं धमकी की शिकायत पर एसडीएम सदर को प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया। रेसकोर्स निवासी आशीष बड़थ्वाल द्वारा पूर्व पार्षद पर नियम विरुद्ध तीन मंजिला व्यावसायिक भवन निर्माण एवं अवैध गतिविधियों के आरोप लगाए जाने पर एसडीएम सदर एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी को स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत जनसुविधाओं से जुड़ी शिकायतें भी प्रमुखता से उठीं। इंद्रलोक कॉलोनी में सीवर लाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत के लिए जल निगम को आवश्यक कार्रवाई करने तथा खुड़बुड़ा मोहल्ले में गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए। रानीपोखरी क्षेत्र में वर्ष 2024 से पूर्व के पेयजल कनेक्शनों एवं शुल्क में अनियमितता की शिकायत की जांच कर अधिशासी अभियंता जल संस्थान को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
आशारोड़ी-झाझरा हाईवे निर्माण में अनियमितता की शिकायत पर एनएचएआई को आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए गए। चकराता ब्लॉक के खारसी मोटर मार्ग तथा कोल्डपानी-सत्तौर क्षेत्र में भू-कटाव की समस्या के संबंध में पीडब्ल्यूडी एवं एसडीएम को स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। विकासखंड कालसी के कामला स्थित हड्डियागाड़ में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त पुलिया के कारण स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी का संज्ञान लेते हुए एसडीएम कालसी को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
आपदा एवं जनहित से जुड़े मामलों में कुडियाल ग्राम पंचायत में दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त हाथी सुरक्षा दीवार के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। वहीं प्रकाश पंत मार्ग से एयरपोर्ट तक जंगली हाथियों से सुरक्षा के दृष्टिगत स्ट्रीट लाइट लगाए जाने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई का दायित्व बीडीओ को सौंपा गया। गांधी रोड निवासी इल्मा, प्रेम बहादुर, सरस्वती एवं रणवीर सिंह द्वारा आर्थिक कठिनाइयों, बच्चों की शिक्षा तथा बीमारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता की मांग पर संबंधित एसडीएम को प्रकरणों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह, उप जिलाधिकारी अपर्णा ढौंडियाल, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी शशिकांत गिरी, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
