देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल की अध्यक्षता में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें अमेरिका द्वारा 104 भारतीय नागरिकों को हथकड़ी और जंजीर पहनाकर भारत भेजने के विरोध में मोदी सरकार और अमेरिका की कड़ी आलोचना की गई।
मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल
गोष्ठी में बोलते हुए वीरेंद्र पोखरियाल ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा कि क्या मोदी सरकार जानती है कि 5 फरवरी को 104 भारतीय नागरिकों को अमानवीय तरीके से अमेरिका से निकाला गया? उन्होंने कहा कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में 7.25 लाख भारतीयों को इसी तरह निकालने की तैयारी चल रही है, लेकिन मोदी सरकार की चुप्पी दर्शाती है कि उसे इस अपमान की कोई चिंता नहीं। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि इन नागरिकों को डिटेंशन सेंटर में क्यों रखा गया और क्या उन्हें कांसुलर एक्सेस दिया गया था?
अमेरिका को जवाब क्यों नहीं दिया गया?
कांग्रेस नेता संजय शर्मा ने कहा कि जिस तरह अमेरिका ने भारत के नागरिकों को अपने विमान से भेजा, वह देश को शर्मसार करने वाला है। उन्होंने कोलंबिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सरकार ने अमेरिका को करारा जवाब दिया, जबकि भारत सरकार ने चुप रहकर देश को अपमानित किया।
“विश्वगुरु” बनने की बात करने वाली सरकार मौन क्यों?
पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि जो सरकार भारत को “विश्वगुरु” बनाने की बात कर रही थी, वह अब चुप क्यों है? उन्होंने इस घटना को अमेरिका की दादागिरी करार दिया। पूर्व विधायक राजकुमार ने भी इस अपमानजनक व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को अमेरिका को माकूल जवाब देना चाहिए था।
मोदी सरकार की नाकामी
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेंद्र शाह ने कहा कि भाजपा ने मोदी को महिमामंडित किया, लेकिन यह केवल जनता को छलने का काम था। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष संग्राम सिंह पुंडीर ने मोदी की चुप्पी पर हैरानी जताते हुए कहा कि अब तक प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर कोई बयान क्यों नहीं दिया?
हिंदू-मुस्लिम राजनीति के पीछे छिपी सरकार
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी ने कहा कि भाजपा देश को हिंदू-मुस्लिम राजनीति में उलझाकर सत्ता में बने रहना चाहती है। मोदी सरकार की अमेरिका के इस अमानवीय कृत्य पर चुप्पी दर्शाती है कि उसे देश के सम्मान की कोई परवाह नहीं। कांग्रेस पूरे राज्य में इस मुद्दे को लेकर संघर्ष करेगी।
गुजरात मॉडल की सच्चाई
पूर्व पार्षद नीनू सहगल ने कहा कि अमेरिका से निकाले गए लोगों में कई गुजराती भी थे, जिससे साबित होता है कि “गुजरात मॉडल” केवल एक प्रचार था और राज्य में रोजगार की भारी कमी है।
झूठे वादों से परेशान जनता
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ओमप्रकाश सती ने कहा कि हजारों भारतीय नागरिक अपनी जमीन और गहने बेचकर अमेरिका गए थे क्योंकि मोदी सरकार हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने के अपने वादे से मुकर गई। चंदन सिंह नेगी ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दोस्ती के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन फिर भी यह अपमानजनक घटना क्यों हुई?
कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा
गोष्ठी का संचालन प्रदेश महामंत्री मानवेंद्र सिंह ने किया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय प्रताप मल ने कहा कि मोदी सरकार ने देश को अपमानित किया है, जिसे जनता कभी माफ नहीं करेगी।
गोष्ठी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महिपाल शाह, आशीष उनियाल, अनिल नेगी, अजय सूद, शरीफ बेग, सिद्धार्थ पोखरियाल, प्रदेश प्रवक्ता सुलेमान अली, रिपुदमन सिंह, अरुण बलूनी, संजय थापा, बब्लू खुराना, पारितोष सिंह, करण घाघट, मुकेश सोनकर और विनीत सिंह सहित कई नेता मौजूद रहे।