देहरादून। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने बुधवार को देहरादून में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ के माध्यम से लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र को बचाना है तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठने चाहिए। यदि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं, तो यह भारतीय गणतंत्र और लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।
अजय कुमार लल्लू ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर (SIR) प्रक्रिया की आड़ में तकनीकी माध्यमों से मतदाताओं के नाम हटाने और संदिग्ध प्रविष्टियां जोड़ने का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कुछ स्थानों पर एक ही ईपीआईसी (EPIC) नंबर और क्रम संख्या के आधार पर मूल मतदाताओं के नाम हटाकर दूसरे नाम दर्ज किए गए हैं। उन्होंने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए लल्लू ने दावा किया कि वहां मतदाता सूची में कुल 16,554 प्रविष्टियों से संबंधित कथित गड़बड़ियां सामने आई हैं। उनके अनुसार, इनमें 13,150 प्रविष्टियों में ईपीआईसी नंबर समान रखते हुए नाम बदलने, 884 वैध मतदाताओं के नाम हटाने और 2,600 बाहरी लोगों के नाम जोड़ने के आरोप शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता सूची में इस प्रकार की अनियमितताएं हुई हैं, तो यह चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इन मामलों की जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इन राज्यों में भी मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां होने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है और इसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी से नागरिकों के मताधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहे तथा किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम गलत तरीके से शामिल न हो।
पत्रकार वार्ता में अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस पार्टी की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से पद से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और चुनावी निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने आगामी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से कराने की मांग भी की। इसके साथ ही उन्होंने विवादित एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा करने वाली होनी चाहिए।
लल्लू ने बताया कि आगामी 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत विशाल मार्च और रैली आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से कथित वोट चोरी, मतदाता सूची में अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से लगभग 50 हजार और उत्तराखंड से 25 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता एवं जागरूक नागरिक भाग लेंगे।
उन्होंने देश के नागरिकों से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने ईपीआईसी नंबर के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम अवश्य जांचें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी बूथ स्तर से लेकर न्यायालय तक कानूनी और जनांदोलन के माध्यम से संघर्ष जारी रखेगी।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, देहरादून महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, परवादून जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित उनियाल, प्रशांत खंडूरी सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
