न्यायालय-प्रतिबंधित भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त पर जिला प्रशासन सख्त, एफआईआर दर्ज

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देहरादून, दिनांक 24 (सूचना विभाग) देहरादून। जनपद में न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय से जुड़े गंभीर फर्जीवाड़े के मामले में जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने क्रेता एवं विक्रेता के विरुद्ध थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। राज्य की सरकारी एवं प्रतिबंधित भूमि पर नजर गड़ाए बैठे भू-माफिया बिल्डरों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त कार्रवाई के मूड में है।

प्रकरण में सामने आया है कि चंडीगढ़ (पंजाब) सहित बाहरी तत्वों द्वारा न्यायालय-प्रतिबंधित भूमि जिस पर क्रय-विक्रय पर रोक है को कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से बेचने का प्रयास किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया है तथा अधिकारियों को ऐसे अन्य मामलों में भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी के संज्ञान में आया कि मौजा आमवाला तरला स्थित खसरा संख्या 94ख, 134, 135 एवं 136 की भूमि, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा क्रय-विक्रय पर रोक लगी है, को फर्जी अभिलेख तैयार कर पंजीकृत कराया गया।

शिकायतकर्ता द्वारा विलेख संख्या 8614/2025 एवं 8615/2025 के संबंध में आपत्ति दर्ज कराई गई, जिसमें बताया गया कि उक्त भूमि पीएसीएल (पर्ल्स एग्रो टेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड) से संबंधित प्रतिबंधित श्रेणी में आती है।
प्राथमिक जांच में यह पाया गया कि विक्रेता ने भूमि का वास्तविक एवं विवादित स्वरूप छिपाते हुए रजिस्ट्री कराई। विवादित होने के बावजूद क्रय-विक्रय किया जाना न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। साथ ही, संबंधित भूमि का कथित संबंध गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी परिसंपत्तियों से भी बताया जा रहा है, जिन पर पहले से विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लागू हैं।

जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून एवं उप जिलाधिकारी सदर को विलेखों की पुनः जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज के आदेश जारी किए गए हैं, तो उन्हें तत्काल निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के अंतर्गत कूटरचना कर पंजीकरण कराने के आरोप में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध थाना कोतवाली में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सब-रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई गई है। साथ ही, ऋषिकेश सब-रजिस्ट्रार कार्यालय की तर्ज पर रजिस्ट्रार कार्यालय देहरादून का वृहद निरीक्षण भी शीघ्र किया जा सकता है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना तथा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि लेन-देन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

By admin

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