देहरादून।आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, राजपुर रोड, देहरादून में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता आयोजित कर धामी सरकार के तीन साल के कार्यकाल पर तीखा हमला बोला।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार की विफलताओं को उजागर करते हुए कहा कि
“8 साल की नकारा सरकार, नौकरी-नारी पर करे प्रहार, पूरे उत्तराखंड में मची है हाहाकार!”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संगठन के लोगों ने महिलाओं के खिलाफ अत्याचार किए हैं, चाहे वे आशा कार्यकर्ता हों, आंगनवाड़ी कर्मी हों, या अन्य विभागीय कर्मचारी। सरकार ने उनकी मांगों को अनदेखा कर उन्हें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर किया, लेकिन दमनकारी नीतियों से उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
करन माहरा ने रुद्रप्रयाग जनपद के रुद्रपुर ग्राम पंचायत की महिलाओं पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर महिला दिवस और अपने तीन साल के कार्यकाल का जश्न मना रही है, जबकि दूसरी ओर विरोध कर रही महिलाओं पर पुलिस बल प्रयोग कर रही है।
उन्होंने उपनल कर्मियों के मुद्दे पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई है। साथ ही, उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, जिनमें पेपर लीक घोटाले और कोविड काल में हुए ब्लड जांच घोटाले का जिक्र किया।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा के आठ साल के शासन को निराशाजनक करार देते हुए कहा कि
“इस सरकार ने युवाओं, किसानों, महिलाओं, व्यापारियों और बुजुर्गों को धोखा दिया है। रोजगार देने में सरकार पूरी तरह विफल रही है, महिला सुरक्षा भगवान भरोसे है, और किसान बदहाल हैं। उद्योग के नाम पर बड़े आयोजन हुए, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं बदला।”
उन्होंने पलायन की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि गांवों के खाली होने की स्थिति चिंताजनक है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं जर्जर हालत में हैं, और बजट का सही उपयोग नहीं किया जा रहा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। जल, जंगल, और जमीन को बाहरी ठेकेदारों को सौंपा जा रहा है, जिससे अराजकता बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शराब माफिया पूरे उत्तराखंड पर हावी हो चुका है और सरकार विभागीय बजट को भी खर्च करने में असमर्थ है।
उन्होंने भू-कानून और मूल निवास के मुद्दे पर सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि
“भू-कानून में ऐसी विसंगतियां हैं जो मूल निवास को चुनौती देती हैं। दो जिलों में अलग और बाकी 11 जिलों में अलग कानून क्यों लागू किया जा रहा है?”
पूर्व नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि सरकार उनके हित में काम करेगी, लेकिन उसने जनभावनाओं के विपरीत काम किया। बेरोजगारी चरम पर है, आए दिन पेपर लीक मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार “जीरो टॉलरेंस” की बात करती है, लेकिन अपने मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने का प्रयास कर रही है। सत्ता में बैठे लोग प्रदेश की संपत्तियों की खुली लूट कर रहे हैं।
कांग्रेस की रणनीति
करन माहरा ने घोषणा की कि कांग्रेस अगले छह महीनों में एक व्यापक जन आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रही है। इसके तहत पार्टी सड़कों पर उतरकर जन मुद्दों के लिए संघर्ष करेगी। इस आंदोलन की विस्तृत जानकारी एक अलग पत्रकार वार्ता में साझा की जाएगी।
पत्रकार वार्ता में मुख्य प्रवक्ता गरिमा माहरा दसौनी, प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट और प्रतिमा सिंह भी मौजूद रहीं।
