कांग्रेस ने की “मेरा वोट मेरा अधिकार”अभियान की घोषणा, भाजपा के षड्यंत्र का करेंगे पर्दाफाश

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देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस की जिला एवं महानगर अध्यक्षों की बैठक आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  करन माहरा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य गणेश गोदियाल सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

“मेरा वोट, मेरा अधिकार” अभियान की घोषणा

बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने आगामी तीन महीनों तक चलने वाले “मेरा वोट, मेरा अधिकार” अभियान की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशभर में यह अभियान चलाकर भाजपा सरकार द्वारा मतदाता सूची में की जा रही गड़बड़ियों और मताधिकार से जनता को वंचित करने की साजिश का पर्दाफाश करेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा एक सोची-समझी साजिश के तहत उन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा रही है जो उनकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं, जबकि बाहरी लोगों को जोड़कर फर्जी वोट तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता को नफरत, बेरोजगारी और महंगाई की राजनीति से त्रस्त कर चुकी है, और अब वह चुनावों में हेराफेरी कर सत्ता में बने रहना चाहती है।

गुरदीप सिंह सप्पल ने महाराष्ट्र चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस गठबंधन को जहां 156 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली थी, वहीं कुछ ही महीनों बाद हुए विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार हुई। जांच करने पर पता चला कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से 48 लाख नए मतदाता जोड़ दिए, 2 लाख के नाम हटा दिए और 20 लाख मतदाताओं का बूथ बदल दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मतदाता सूची का विश्लेषण करने के लिए पुरानी और नई वोटर लिस्ट की मांग की, लेकिन आयोग ने इसे साझा करने से इनकार कर दिया। अदालत जाने के बाद भी आयोग ने जानकारी नहीं दी, जिससे कांग्रेस ने जनता की अदालत में जाने का फैसला किया है।

कांग्रेस का आगामी अभियान

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि जिला एवं महानगर अध्यक्षों को निर्देशित किया गया है कि आगामी तीन महीने तक पूरे प्रदेश में इस अभियान को प्रभावी रूप से चलाया जाए। इसके लिए सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से भी आम जनता से जानकारी जुटाई जाएगी।

उन्होंने बताया कि विगत लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जिन मतदाताओं ने मतदान किया था, उनके नाम नगर निकाय चुनावों की मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। यह निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। देहरादून नगर निगम की मतदाता सूची में अगस्त 2024 तक जिन मतदाताओं के नाम थे, वे दिसंबर 2024 की सूची से हटा दिए गए, जो साफ दर्शाता है कि यह सुनियोजित तरीके से किया गया।

उन्होंने कहा कि हर पोलिंग बूथ से 20 ऐसे मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी, जिनके नाम हाल ही में हुए निकाय चुनावों और केदारनाथ उपचुनाव में हटा दिए गए। इस मुद्दे को लेकर 20-21 मार्च को पार्टी हाईकमान के निर्देश पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें कांग्रेस नेता श्री सचिन राव भाग लेंगे।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि संविधान ने प्रत्येक नागरिक को मताधिकार का अधिकार दिया है, लेकिन भाजपा सरकार इसे छीनने का कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों में मतदाता सूची में हेरफेर कर सत्ता में बने रहना चाहती है।

उन्होंने कहा कि न केवल मतदाताओं के नाम काटे गए, बल्कि कई मतदाताओं के मतदान स्थल भी बदल दिए गए, जिससे उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने से रोका गया।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखंड को 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता दी है, जिसके लिए वे आभारी हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा की इस तथाकथित धोखाधड़ी को प्रमाण सहित उजागर किया है और इसे जनता के बीच ले जाकर भाजपा के षड्यंत्र का विरोध किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 20-21 मार्च को पार्टी हाईकमान के निर्देश पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसे डिजिटल माध्यम से पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया जाएगा।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं सीईसी सदस्य प्रीतम सिंह ने कहा कि लोकतंत्र पर हो रहे हमले को लेकर कांग्रेस संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ उपचुनाव और नगर निकाय चुनाव में मतदाता सूची में धांधली की गई, जिसके कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सत्ता के दुरुपयोग से चुनाव जीते, केदारनाथ उपचुनाव में मतदाता सूची से नाम हटाए गए और फर्जी वोट जोड़े गए। वहीं, नगर निकाय चुनाव में मतदान केंद्र बदलकर मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किया गया।

बैठक में जिलाध्यक्ष भगत सिंह डसीला, मुकेश नेगी, डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, मोहित उनियाल, राजीव चौधरी, राजेंद्र चौधरी, राहुल छिमवाल, विनोद नेगी, विनोद डबराल, कुंवर सजवाण, उत्तम असवाल, मुशर्रफ हुसैन, सीपी शर्मा, हिमांशु गाबा, मनीष राणा, दिनेश चौहान आदि भी मौजूद थे।

By admin

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