देहरादून। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग एवं यूपीईएस के संयुक्त तत्वावधान में यूपीईएस कैंपस, बिधोली में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ एवं समापन राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान के साथ हुआ।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने भविष्य के लिए सकारात्मक, रचनात्मक एवं स्वस्थ विकल्पों का चयन करना चाहिए। नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे।
पुलिस अधीक्षक नगर शेखर चन्द्र सुयाल ने कहानी के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, यूपीईएस के वाइस चांसलर मनीष मदान एवं विशेष अतिथि ललित जोशी ने भी छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यशाला में नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और नशा मुक्ति का संदेश दिया गया। इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल भारती, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रोहित गोंडवाल, डॉ. प्रदीप राणा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, यूपीईएस के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।