देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के औचक निरीक्षण के बाद गुलरघाटी खाद्य गोदाम में पाई गई भारी अनियमितताओं को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। निरीक्षण के दूसरे दिन भी एडीएम जय भारत सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने गोदाम में मौजूद खाद्यान्न की सैंपलिंग की। टीम ने प्रत्येक लॉट से चावल के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच की, जिसमें अधिकांश लॉट के चावल मानकों पर खरे नहीं उतरे। प्रशासन ने खराब चावल को नष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
रजिस्टर मेंटेन न होने और रखरखाव में लापरवाही पर नाराजगी
डीएम के निरीक्षण के दौरान गोदाम में रजिस्टर मेंटेन न होने, खाद्यान्न के रखरखाव में अनियमितता और सुरक्षा मानकों की कमी जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए थे। इसके अलावा, अनाज भंडारण के लिए तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था और चूहों से सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी उपाय नहीं मिले। डीएम ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
स्टॉक व रिकॉर्ड की जांच जारी
अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम गोदाम में स्टॉक और रिकॉर्ड स्टेटमेंट की जांच भी कर रही है। निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि अनाज की बोरियों में उल्लिखित वजन से कम वजन पाया गया, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
सख्त कार्रवाई की तैयारी
खराब अनाज किसी भी सूरत में जनता तक न पहुंचे। इसी के मद्देनजर गोदाम में रखे खाद्यान्न की हर खेप की सैंपलिंग की जा रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है, और जल्द ही दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आज भी जांच के दौरान 12 लॉट के सैंपल फेल पाए गए, जिससे प्रशासन की सख्ती और बढ़ गई है।
सुधार के निर्देश
अपर जिलाधिकारी जय भारत सिंह ने निर्देश दिए हैं कि खाद्यान्न भंडारण और विपणन की प्रक्रिया को “फर्स्ट इन, फर्स्ट आउट” (FIFO) के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता का खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
सैंपलिंग प्रक्रिया और जांच के दौरान संभागीय खाद्य निरीक्षक बंशी लाल राणा, डिप्टी आरएमओ अन्नू जैकरे, तहसीलदार सतेंद्र देव, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, नायब तहसीलदार, राजस्व उपनिरीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन अब दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है और जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है।
