देहरादून। पूर्व प्रधानमंत्री एवं महान अर्थशास्त्री स्वर्गीय डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कांग्रेसजनों ने डॉ. मनमोहन सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा देश के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह भारतीय राजनीति में सादगी, शालीनता, ईमानदारी, विद्वता और संवेदनशील नेतृत्व के प्रतीक थे। एक महान अर्थशास्त्री से लेकर देश के वित्त मंत्री और प्रधानमंत्री तक उन्होंने प्रत्येक दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, गरिमा और समर्पण के साथ किया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में वित्त मंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह ने देश को गंभीर आर्थिक संकट से बाहर निकालने के लिए ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों की शुरुआत की। उनके नेतृत्व में भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली और भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ा। प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में मनरेगा, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, आधारभूत ढांचे के विस्तार, ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। उनके कार्यकाल में देश ने उच्च आर्थिक विकास दर का दौर देखा तथा गरीबी उन्मूलन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड के विकास में भी डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उत्तराखंड को केंद्रीय सहायता, विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में सहयोग तथा सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने में तत्कालीन केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य की भौगोलिक एवं आर्थिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राज्य के विकास के लिए विशेष सहयोग प्रदान किया। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क एवं संचार व्यवस्था, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा रोजगारपरक योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए गए।
उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह की कार्यशैली में सत्ता का अहंकार नहीं, बल्कि सेवा की भावना दिखाई देती थी। अपनी विद्वता और उपलब्धियों के बावजूद वे अत्यंत सरल, सहज और विनम्र रहे। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को व्यक्तिगत कटुता में परिवर्तित नहीं होने दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और जनसेवा का महत्वपूर्ण साधन है। उनके विचार, आर्थिक समझ और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव देश को प्रेरणा देती रहेगी।
कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री संगठन राजेन्द्र भंडारी, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, महामंत्री अश्विनी बहुगुणा, उपाध्यक्ष सुजाता पॉल, महामंत्री राजेन्द्र शाह, अमरजीत सिंह, सुरेन्द्र रांगड़, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।