मुख्यमंत्री धामी ने अखंड परमधाम गंगा घाट का किया लोकार्पण…

मुख्यमंत्री धामी ने अखंड परमधाम गंगा घाट का किया लोकार्पण…
Share on Social Media

हरिद्वार 19 अप्रैल । अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखंड परमधाम गंगा घाट के लोकार्पण समारोह एवं स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज की 71वीं संन्यास जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। यह घाट नमामि गंगे योजना के तहत निर्मित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने देशभर से आए संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक घाट के लोकार्पण तक सीमित नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिक चेतना के निरंतर प्रवाह का प्रतीक है। उन्होंने स्वामी परमानन्द गिरि जी के जीवन को तप, त्याग और साधना का अनुपम उदाहरण बताते हुए उनके विचारों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने साध्वी ऋतंभरा के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य समाज को सही दिशा प्रदान करता है और आध्यात्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने श्रीराम मंदिर निर्माण, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और महाकाल लोक जैसे कार्यों का उल्लेख करते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों का विकास, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर और यमुनातीर्थ के पुनरुद्धार जैसे कार्य इस दिशा में किए जा रहे हैं। साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना का भी उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है और मां गंगा व मां यमुना के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना है, जिसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

कार्यक्रम में स्वामी रामदेव, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि सहित अनेक संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *