देहरादून, दिनांक 09 फरवरी। शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर किए जा रहे निर्माण एवं रोड कटिंग कार्यों को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लेते हुए बड़ा निर्णय लिया है। माह जनवरी में आकस्मिक परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा कंट्रोल रूम द्वारा दी गई समस्त कार्यालयीन अनुमतियों सहित सभी निर्माण कार्य अनुमतियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं।

जिला प्रशासन ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे एक दिवस के भीतर कार्यक्षेत्र से अपनी समस्त मशीनरी, निर्माण सामग्री आदि हटाएं तथा 10 दिनों के भीतर सड़कों को पूर्व स्थिति में बहाल करें।अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधीक्षण अभियंता एनएच एवं अन्य सड़क निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि अभियंताओं की रोस्टरवार ड्यूटी सुनिश्चित करते हुए तुरंत अपनी-अपनी सड़कों के सुधार एवं मरम्मत कार्य प्रारंभ करें और 10 दिवस के भीतर शहर की सभी सड़कों को पूर्व स्थिति में लाया जाए।
जिला प्रशासन के संज्ञान में आया है कि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे रोड़ कटिंग कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों, संकेतकों, बैरिकेडिंग एवं आम जनता की सुरक्षा हेतु आवश्यक उपायों का पालन नहीं किया जा रहा है। साथ ही, सक्षम अधिकारी भी कार्यस्थलों पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर कार्यों की समीक्षा एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं कर रहे हैं।
जिला प्रशासन की क्यूआरटी द्वारा समय-समय पर किए गए स्थलीय निरीक्षण में अनियमितताएँ पाए जाने पर पेनल्टी, मुकदमा एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर अव्यवस्था, सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि तथा गंभीर दुर्घटना अथवा आपदा की संभावनाएं बनी हुई हैं। जनसुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए जिला प्रशासन ने यह कठोर निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि परियोजना समन्वय समिति, देहरादून द्वारा विभिन्न विभागों—उत्तराखण्ड जल संस्थान, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड, उत्तराखण्ड पेयजल संस्थान विकास एवं निर्माण निगम, यूयूएसडीए, उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड, देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड सहित अन्य विभागों तथा जिलाधिकारी/आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय—के अनुरोध पर रोड कटिंग की अनुमतियां प्रदान की गई थीं, जिन्हें अब जनहित एवं सुरक्षा के दृष्टिगत निरस्त कर दिया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किए बिना किसी भी प्रकार की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।
